शिवलीलामृत केवल पढ़ने की पुस्तक नहीं है, बल्कि प्रतिदिन या विशेष अवसरों पर (नियमित पाठ) करने के लिए है।
एक शिकारी ने अनजाने में बेल के पत्ते शिवलिंग पर गिराए और रात भर जागकर अनजाने में ही शिव व्रत किया, जिससे उसे मोक्ष प्राप्त हुआ। shivlilamrut in hindi pdf
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ग्रंथ का पूर्ण फल प्राप्त करने के लिए इसे सही विधि और शुद्ध मन से पढ़ना अनिवार्य है: shivlilamrut in hindi pdf
Considered the most important chapter by the author. It is often read daily to remove life's obstacles and protect against "Apamrityu" (untimely death).
यह ग्रंथ विशेष रूप से महाराष्ट्र और उत्तरी कर्नाटक में अत्यधिक लोकप्रिय है, लेकिन हिंदी अनुवाद के कारण आज पूरे भारत में इसका पाठ किया जाता है।