Bihar And Orissa - Public Demand Recovery Act 1914 Pdf In Hindi _verified_

क्या आप इस अधिनियम की किसी या अपील प्रक्रिया के बारे में अधिक विस्तार से जानना चाहेंगे?

यह पोस्ट बिहार और उड़ीसा लोक मांग वसूली अधिनियम, 1914 * [This is the version of this document from 1 July 1914

वर्ष 2000 में झारखंड राज्य के गठन के बाद, इस अधिनियम को झारखंड राज्य के अनुकूल बनाने के लिए संशोधित किया गया। पारित किया गया, जिसने धारा 3(3) में संशोधन कर प्रमाणपत्र अधिकारी को पुनः परिभाषित किया। यह संशोधन अधिनियम झारखंड राज्य की सरकारी राजपत्र में प्रकाशित है। * [This is the version of this document from 1 July 1914

Act 4 of 1914 * Published on 1 July 1914. * Commenced on 1 July 1914. * [This is the version of this document from 1 July 1914.] * Indian Kanoon bihar act 004 of 1914 : Public Demands Recovery Act, 1914 * [This is the version of this document from 1 July 1914

जब कोई राशि बकाया होती है, तो संबंधित विभाग सर्टिफिकेट ऑफिसर के पास एक अधियाचन (Requisition) भेजता है। इसके बाद अधिकारी एक वसूली प्रमाणपत्र (Section 4/6) जारी करता है।

रामू को गिरफ्तार कर भेजना।

यह अधिनियम ब्रिटिश काल के दौरान 1 जुलाई 1914 को लागू किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी बकाया राशि, बैंक ऋण और अन्य सार्वजनिक मांगों (Public Demands) की वसूली के लिए एक त्वरित और विशेष कानूनी प्रक्रिया प्रदान करना है।